Talaash

तलाश (Talaash)

चाय से इसकदर
ताल्लुक न था पहले
मगर,
उस रोज
वोह चाय की मिठास
जो तेरे लबोंसे चुराई थी
ढुंडते रहता हुं
चायकी हर प्याली में.
तलाश अबभी जारी है…
लोग कहते हैं इसे
चाय पीनेकी बिमारी है

– गुरु ठाकूर

4 replies
  1. स्नेहल
    स्नेहल says:

    तलाश अबभी जारी है…
    लोग कहते हैं इसे
    चाय पीनेकी बिमारी है

    हायऽऽ री दुनिया….तु ना समझ पाएगी!

    👌

    Reply
  2. Dr namita shivaji Nikade
    Dr namita shivaji Nikade says:

    सर, तमाम चहाप्रेमी ही नज़्म/ शायरी वाचुन मनातल्या मनात सूखावतील…आणी जे चहाप्रेमी नाहीत ते नक्की प्रेमात पड़तील..चहाच्या ही आणी तुमच्या ही….

    मला आता diabetes व्हायचा बाकी आहे….

    Reply

Leave a Reply

Want to join the discussion?
Feel free to contribute!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*