Varna – Otherwise

वरना…… – “Otherwise”

आदमखोरोंकी
नस्ले ही मिट गयी
जो जंगलोंपे राज
किया करते थे कभी
अब बस किताबों मे
नजर आते है..
मगर वोह जो
सिमेंट के जंगलोपे
राज कर रहे है
उनका क्या करे?
उनकी फैलती
नस्लोंको काबू में
करना होगा
वर्ना
इंसान और इंसानियत
बस किताबों मे
नजर आयेगे
किसी रोज….
– गुरु ठाकुर

वरना… “Otherwise” Hindi kavita by Guru Thakur

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